खरीद नीति


अध्याय– 1

1.1 प्रयोज्यता

निगम की यह खरीद नीति मुख्यालय/ एएपीसी/ आरएमसी पर सभी प्रकार के कच्चा मालों, दुकानों, कलपुर्जे, पूंजीगत माल की खरीद और ठेके की निविदा पर लागू होगी। ठेकेदार सेवा काम अनुबंध, सेवा अनुबंध, नौकरी अनुबंध आदि किसी से भी जुड़े नौकरी करने वाले व्यक्ति प्रदान करता है। इसमें वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी शामिल है। यह किसी भी बीमा कंपनी को किसी भी प्रकार की बीमा नीति या डाक घर में बैंक जमा पर लागू नहीं होगा।

1.2 खरीद नीति / क्रय नीति के उद्देश्य

खरीद नीति / क्रय नीति के मूलभूत उद्देश्य हैं–

क)    आवश्यक एवं निर्धारित गुणवत्ता की दुकानों की खरीद के लिए।

ख)   आवश्यक मात्रा में दुकानों की खरीद के लिए।

ग)     योग्य स्रोत से उचित कीमत पर प्रतिस्पर्धा पर दुकानों की खरीद।

घ)     आवश्यक समय सीमा के भीतर दुकानों की खरीद के लिए।

ङ)     खरीद/ क्रय प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए जरूरी इस नीति के तहत निगम द्वार समय– समय पर बनाई गई प्रक्रियाओं एवं नियमों को अपनाना एवं उनका पालन करना।

च)    न्यूनतम अवरोध पर उत्पादन जरूरतों को सूची स्तर को बनाए रखने के लिए।

छ)    विश्वसनीय विक्रेताओं की सूची बनाए रखने और उसका समय– समय पर अद्यतन करने के लिए।

 अध्याय 2

2.1 खरीद की प्रणाली

संयंत्र एवं मशीनरी/ कच्चा माल/ सेवाओं की खरीद के लिएकई तरीके अपनाए जाते हैं। ये तरीके हैं–

i)        खुली निविदा

ii)       सीमित निविदा

iii)       एकल निविदा

iv)       नकद खरीज

v)       दोहराने के आदेश

vi)       टीम खरीद

vii)      वैश्विक टेंडर

खरीद प्रक्रिया और प्रलेखन

2.2 सामान्य

निविदा का उद्देश्य प्रतिस्पर्धी आपूर्तिकर्ताओं में से सर्वश्रेष्ठ प्रस्ताव को चुनने के लिए व्यापक रेंज हासिल करना और आपूर्तिकर्ताओं को उनके सामानों एवं सेवाओं का पर्याप्त विकल्प प्रदान करना है।

2.3 प्रक्रिया की शुरुआत अर्थात मांगपत्र

योजना विभाग समेकित जरूरत और उसके बाद मांगपत्र निम्नलिखित आधार पर तैयाक करेगा–

क)    विपणन विभाग द्वारा तैयार वार्षिक बिक्री अनुमान।

ख)   उपरोक्त (क) में आने वाले सामानों के अलावा उपयोगकर्ता विभाग से सामानों के लिए प्राप्त संचार।

ग)     वार्षिक बिक्री प्रक्षेपण में कोई बदलाव।

2.4 निर्धारित प्रारूप में खरीद मांगपत्र खरीद मांगपत्र विभाग द्वारा तैयार या जाएगा और उस पर सक्षम अधिकारी हस्ताक्षर करेंगे। मांगपत्र में खरीदे जाने वाली सामग्री के विवरण और ब्यौरा की पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। आमतौर पर ब्यौरा आईएस/ बीएस या जैसा लागू हो के मानक ब्यौर के समकक्ष होना चाहिए। अगर मांगपत्र पूंजीगत माल के लिए तैयार किया जा रहा है, तो उसमें खरीद के अनुमोदन का संदर्भ होना अनिवार्य है। राज्सव प्रकृति वाली वस्तुओं यानि कच्चा माल, दुकान, कलपुर्जे आदि के मामले में मांगपत्र में वर्तमान भंडार ( स्टॉक्स) जिसमें खरीदे जाने वाली वस्तु की मात्रा दिखाई दे, जरूर होनी चाहिए। जहां कहीं भी जरूरी हो वहां विनिर्माण आहरण जरूर संलग्न किया जाना चाहिए।

2.5 मांगपत्र के साथ मांगपत्र विभाग को खुली निविदा, सीमित निविदा आदि के मामले में खरीदने में लगने वाले समय की संज्ञान आवश्यकता अनुसूची को ध्यान में रखते हुए डिलिवरी अनुसूची के लिए वस्तुओं की अनुमानित कीमत का भी मांगपत्र में उल्लेख करना चाहिए। अनुमानित कीमत का आधार आखिरी खरीद कीमत (लास्ट पर्चेज प्राइस– एलपीपी) को बनाया जाना चाहिए। जहां पिछली खरीद दो वर्ष से भी पहले की गई हो, वहां वर्तमान बाजार मूल्यों को अनुमानित मूल्य के तौर पर उल्लिखित करना चाहिए। मालिकाना वस्तुओं के मामले में मांगपत्र में एकल निविदा के जरिए आवश्यकता का स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए।

2.6 निविदा दस्तावेज

सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित मांगपत्र खरीद को प्रभावित करने के लिए सामग्री प्रबंधन (मटेरियल मैनेजमेंट– एमएम) विभाग को अग्रेषित करने के लिए निर्णायक दस्तावेज होगा। एमएम विभाग निविदा दस्तावेजों को तैयार करने के साथ खरीद प्रक्रिया को आरंभ करेगा। निविदा दस्तावेज की तैयारी खरीद प्रक्रिया में पहला महत्वपूर्ण कदम होता है। एक संतोषजनक खरीद और खरीद के अनुबंध के निर्बाध निष्पादन के लिए इन दस्तावेजों की सटीकता एवं गुणवता पर काफी हद तक निर्भर होने के कारण दस्तावेजों को व्यापक और इसकी सामग्री में स्पष्टता होनी चाहिए। इसमें वस्तुओं/ आवश्यक सेवाओं या किए जाने वाले काम के बारे में सभी जरूरी सूचनाएँ साफ– साफ लिखी होनी चाहिए। आमतौर पर इसमें निम्नलिखित बातें होती हैं–

i)        निविदा का आमंत्रण

ii)       निर्देश

iii)       निविदा फॉर्म (अगर जरूरी हुआ तो) 

iv)       प्रदान की जाने वाली वस्तुएं/ सेवाएं

v)       उत्पादन निर्देश एवं चित्र

vi)       अनुबंध की सामान्य शर्तें

vii)      अनुबंध की विशेष शर्तें, कोई हो तो

viii)     जरूरी माने जाने वाली कोई अन्य शर्त।

ix)       कर/ लेवी आदि के संबंध में आपूर्तिकर्ता को रियायती फॉर्म्स उपलब्ध कराए जाएंगे।

2.7 निविदाकर्ताओं के लिए निर्देश

निविदाकर्ताओं के लिए निर्देश में निविदाकर्ताओं की योग्यता और अनुभव, सीलबंद निविदा को किस समय औऱ कहां भेजना है, अंतिम तारीख को बढ़ाने का कंपनी का अधिकार, भाग निविदा ( पार्ट टेंडरिंग) की निविदा वैधता अनुज्ञेय की अवधि, वैकल्पिक बोलियों की अनुज्ञेयता, वह मुद्रा जिसमें निविदा मूल्य उद्धृत किया जाना चाहिए आदि का उल्लेख स्पष्ट रूप से किया जाना चाहिए।

जहां लागू हो वहां निविदा में दो बोली प्रक्रिया

2.8 यह खरीद प्रक्रिया उन वस्तुओं/ सुविधाओँ/ सेवाओं की खरीद के लिए प्रयुक्त होती हैं जो खुले बाजार के शेल्फ में उपलब्ध नहीं होतीं लेकिन एलिम्को की विशेष जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी हैं।
इसके तहत खरीद निविदा दो अलग– अलग सीलबंद कवर में आमंत्रित की जा सकती हैं। एक में तकनीकी बोली और ईएमडी होगा और दूसरे में अन्य वाणिज्यिक शब्दों के साथ मूल्य बोली।

इस प्रक्रिया में सभी निविदाकर्ताओं के लिए पहले तकनीकी बोली को खोला जाएगा और इस बात की जांच की जाएगी कि तकनीकी पैमाने और शर्तें स्वीकार्य हैं या नहीं। इस चरण में पेशकश वाली वस्तुओं की तकनीकी विशेषता एवं अन्य संबंधित शब्दों पर सभी आवश्यक स्पष्टीकरण आपूर्तिकर्ता से प्राप्त किया जा सकता है। कुछ मामलों में आपूर्तिकर्ताओं को, इस बात को ध्यान में रखते हुए कि मूल प्रस्ताव केसंदर्भ में तकनीकी जरूरत में संशोधन किया जा सकता है, सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति लेने के बाद उन्हें पूरक मूल्य बोली लगाने का विकल्प दिया जा सकता है। पूरक बोली भी सीलबंद लिफाफे में भेजा जाएगा। तकनीकी शर्तों का सही तरीके से मूल्यांकन करने के बाद औऱ जहां जरूरी हो वहां पूरक बोली दूसरे लिफाफे में मिलने पर यानि मूल्य बोली और पूरक बोली वाले लिफाफे अंतिम जांच के लिए खोले जा सकते हैं। अगर किसी भी बोली का तकनीकी मूल्यांकन किया जाता है तो उसे उत्पादन विभाग, गुणवत्ता नियंत्रण विभाग और सामग्री प्रबंधन विभाग के अधिकारियों और अगर जरूरी हुआ तो वस्तु उपयोगकर्ता विभाग के अधिकारी वाली तकनीकी समिति करेगी।

बयाना जमा (ईएमडी)

2.9 बयाना जमा की सामान्य दर है अनुबंध मूल्य / निविदित वस्तु का 2½% ( ढाई प्रतिशत) जो कि 2.50 लाख के पार (जहां कोई ईएमडी नहीं लगता) अनुबंध पी. ओ. के मूल्य पर निर्भर होगा। हालांकि, सामान्य सामग्रियों, संयंत्र एवं मशीनरियों आदि के लिए बयाना राशि को 25,000/– रुपये तक के लिए प्रतिबंधित किया जा सकता है। डीजीएसएंडडी, एसएसआई और एनएसआईसी के साथ पंजीकृत निविदाकर्ताओं और लेखापरीक्षित वार्षिक खातों के मुताबिक पिछले तीन वर्षों से जिनका सालाना कारोबार 3 करोड़ रुपये रहा है, उन्हें बयाना और सुरक्षा जमा कराने से छूट प्रदान की जा सकती है। बयाना राशि सिर्फ डिमांड ड्राफ्ट या पे ऑर्डर या बैंकर्स चेक के जरिए दी जानी चाहिए। सफल निविदा से प्राप्त बयाना राशि पी.ओ. या अनुबंध या समझौते के लिए दिए गए सुरक्षा जमा के हिस्से में बदल सकता है और असफल निविदाकर्ता के लिए, उनका ईएमडी जमा उन्हें वापस कर दिया जाएगा।

2.10 सुरक्षा जमा (सिक्योरिटी डिपॉजिट– एसडी)

अनुबंध/ खरीद आदेश की संविदात्मक दायित्व की पूर्ति के लिए सफल निविदाकर्ता ( सिर्फ खुली निविदा के मामले में) ऑर्डर मूल्य का 5% या एक लाख रुपये जो भी कम हो, को सुरक्षा जमा करना होगा।

निविदा दिए जाने वाले निविदाकर्ता के मामले में बयाना राशि को सुरक्षा जमा के तहत बदल दिया जाएगा और निविदाकर्ता बाकी बचे सुरक्षा जमा को अदा करने का हकदार होगा। सिविल कंस्ट्रक्शन (लोक निर्माण) के मामले में अनुबंध सुरक्षा जमा निगम में छह माह से बारह माह जैसा कि अनुबंध की शर्तों में लिखा हो, निगम के साथ रहेगा। छह/ बारह माह की अवधि के लिए सुरक्षा जमा की वापसी का प्रयोग देनदारियों को पूरा करने के लिए जो कि दोष दायित्व अवधि के दौरान ऊपर आ सकता है, में किया जा सकता है। हालांकि, अन्य मामले में सुरक्षा जमा आदेश/ आफूर्ति के सफलतापूर्वक समापन के बाद वापस किया जाएगा। बयाना की राशि निविदाकर्ता द्वारा निविदा की वैध अवधि (यानि न्यूनतम 90 दिन) से पहले निविदा वापस लेने और/ या अनुबंध प्रदान करने के बाद निर्धारित अवधित के भीत निविदाकर्ता अपेक्षित सुरक्षा जमा देने में विफल रहता है, जहां लागू हो, बयाना राशी जब्त कर ली जाएगी।

ईएमडी/ सुरक्षा जमा की वापसी

2.11 असफल बोली लगाने वालों को ईएमडी खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध को अंतिम रूप देने के 30 दिनों के भीतर वापस कर दिया जाएगा। अगर आपूर्तिकर्ता/ ठेकेदार को एक से अधिक वस्तुओं के लिए पीओ/ कार्य/ सेवा अनुबंध एक से अधिक वस्तुओँ के लिए दिया जाता है और उन्होंने ऐसी सभी वस्तुओं के लिए ईएमडी/ सुरक्षा जमा करा दिया है, तो ऑर्डर की गई मात्रा के लंबित मूल्य पर 2.5/5% (जैसा की माला हो) की दर से ईएमडी/ सुरक्षा जमा यथानुपात आधार पर जब्ती/ ईएमडी जुर्माना/ सुरक्षा जमा को वापस किया जाएगा।

 

अध्याय– 3

निविदा प्रक्रिया और निविदा प्रारंभ एवं निविदा मूल्यांकन

निविदाओं का प्रकाशन (खुली निविदा)

3.1 माल/ संयंत्र एवं मशीनरी की निर्दिष्ट मात्रा एवं गुणवत्ता हासिल करने के लिए सभी संभावित आपूर्तिकर्ताओं तक निविदा उपलब्धता के बारे में जानकारी पहुंचा महत्वपूर्ण कदम होता है। अगर किसी भी वस्तु का मूल्य 2.5 लाख रुपयों से अधिक होता है तो खुली निविदा जारी की जाएगी। 2.5 लाख रुपये तक की कीमत वाली वस्तुओं के लिए सिमित निविदा प्रक्रिया का अनुपालन किया जाएगा औऱ ऐसी निवदा सूचना सभी पंजीकृत कंपनियों और ज्ञात स्रोतों को जारी किया जा सकता है।

खास क्षेत्र के लिए खुली निविदा राष्ट्रीय अखबार या स्थानीय भाषा के अखबार में प्रकाशित किया जा सकता है। उपरोक्त के अलावा प्रत्येक खुली निविदा पूर्ण विवरण के साथ निगम की वेबसाइट पर जरूर डाली जानी चाहिए ताकि पार्टी निविदा फॉर्म प्राप्त कर सके और निविदा में हिस्सा ले सके।

निविदा दस्तावेज मांग किए जाने पर सरकारी विभागों और केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को मुफ्त में भेजी जा सकती है। हालांकि हो सकता है कि निगम बेहतर प्रतिस्पर्धी बोली के लिए विश्वसनीय सरकारी विभागों/ उपक्रमों को निविदा दस्तावेज भेज सकता है।

निविदा में त्रुटि या चूक

3.2 जहां कहीं कोई त्रुटि या चूक पाया जाता है या निविदाकर्ता द्वारा संज्ञान में लाया जाता है, संशोधन के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए। जहां संशोधन या सुधार का महत्वपूर्ण महत्व है और उसमें समय के विस्तार की जरूरत है, उसे जरूरत के हिसाब से प्रदान किया जाना चाहिए।

निविदाओं का विस्तार

3.3 निविदा जमा करने की तारीख या निविदा प्रारंभ होने की तारीख में विस्तार सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदन के बाद हालात की जरूरत पर निर्भर करता है।

निविदाएं/ प्रस्ताव

3.4 प्राप्त प्रस्ताव वाली निविदाओं को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है।

क) नियमित निविदाः

वैसी निविदाएं जो समय पर और पूछताछ के लिए निर्धारित तारीख के भीतर प्राप्त हुई हों।

ख) देर वाली निविदाएं (लेट टेंडर्स) :

निगम के संबंधित खंड में निर्धारित समय और तारीख के बाद मिलने वाली निविदाएं।

ग)     अनचाही निविदाएं (अनसोलिसेटेड टेंडर्स):

उन पार्टियों द्वारा जमा की गई निविदाएं जिन्हें निविदा पूछताछ जारी नहीं की गई है या उन पार्टियों की निविदाएं जिन्होंने निविदा दस्तावेज नहीं खरीदे या काली सूची में डाल दी गई पार्टियों की निविदाएं।

घ)     तार ( टेलिग्राफिक)/ फैक्स/ टेलेक्सः

इलेक्ट्रॉनिक मोड यानी फैक्स, ई– मेल आदि से प्राप्त निविदाएं।

ङ)     विलंबित निविदाः

वैसी निविदाएं जो निगम को निर्धारित उद्घाटन तारीख के बाद डाक में देरी की वजह से प्राप्त हुई हों, सीलबंद लिफाफे में विस्तृत निविदा में इस बात का स्पष्ट साक्ष्य हो कि इसे उद्घाटन तारीख से कम– से–कम दो दिन पहले ई–मेल के जरिए भेजा जा चुका है।

निविदाओं का उद्घाटन

3.5 प्राप्त हुई सभी नियमित निविदाएं सार्वजनिक रूप से कंपनी की निविदा उद्घाटन समिति के अधिकृत अधिकारियों द्वारा निविदा में निर्धारित समय और स्थान पर खोली जानी चाहिए।

हालांकि विलंबित निवादाओँ को खोलने के दौरान, अन्य योग्य निविदाक्रताओं को जिनकी निविदाएं निविदा उद्घाटन की तारीख पर खोली गईं थी, को भी निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने एवं किसी प्रकार की मुकदमेबाजी से बचने के लिए विलंबित निविदा के खोले जाने के समय आमंत्रित किया जाना चाहिए। हालांकि, विलंबित निविदा को खोलने की जरूरत ऑर्डर के खिलाफ सिर्फ सीमित प्रस्ताव ( तीन प्रस्तावों से कम) के लिए ही पड़ती है।

देर वाली निविदाएं/ अनचाही निविदाएं

3.6 देर वाली निविदाओं को खोला नहीं जाना चाहिए। अनचाही निविदाओं पर स्वीकृति के लिए विचार नहीं किया जाएगा। निर्धारित तारीख के बाद निविदा में किसी प्रकार के संशोधन या आरंभ की मांग पर उसे अनचाही निविदा माना जाएगा और खारिज कर दिया जाएगा।

वैसे मामलों में जहां निविदाओं को दो भागों (टी बोली और क्यू बोली – T– बिड और Q– बिड) में बुलाया जाता है लेकिन अलग लिफाफे/ सीलबंद कवर की जरूरतों को न पूरा करते हुए अगर उसका सिर्फ एक ही हिस्सा प्राप्त होता है, ऐसी निविदा पर विचार नहीं किया जाएगा।

जिन निविदाओं में बयाना राशि या वैध एसएसआई प्रमाणपत्र के साथ जरूरी विवरण नहीं होगा, जैसा भी मामला हो, उन निविदाओं को अवैध माना जाएगा।

सीमित निविदा के जरिए खरीद

3.7 वस्तुओं/ संयंत्र और मशीनरी/ सेवाओं की आपूर्त के लिए सीमित निविदा प्रस्ताव में, जांच निगम में मौजूद विक्रताओं की सूची के अनुसार आपूर्तिकर्ताओं/ ठेकेदारों की विशिष्ट संख्या के नाम से की जाएगी। सीमित निविदा वहीं पर लागू होगी जहां खरीद मूल्य 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं है (आपातकालीन जरूरतों के मामले में सीएमडी या जीएम (डब्ल्यू एंड पी) के अनुमोदन से सिर्फ कच्चा माल एवं खरीदी गई वस्तुओं के लिए 5.00 लाख रुपये)।

हालांकि, रखरखाव, कलपुर्जों, दुकानों, उपभोज्य, लेखन सामग्री, नौकरी के अनुबंध, परिवहन, सेवा अनुबंध आदि के लिए एलटीई की मौजूदा खरीद सीमा 2.50 लाख रुपये तक ही सीमित रहना जारी रहेगा। हालांकि जिस मामले में प्रस्तावित एल–1 मूल्य अधिक है और वह एलटी सीमा के 10% के भीतर है, तो उसे एलटी सीमा के भीतर ही माना जाएगा। सीमित निविदा प्रणाली के लिए योग्य आपूर्तिकर्ताओं की सूची बनाना अनिवार्य होगा। आमतौर पर यह आवश्यक है कि जरूरी वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए काम करने वाले सूचिबद्ध सभी योग्य आपूर्तिकर्ताओं या ज्ञात पार्टियों को संबोधित किया जाए।

3.8 निविदा पूछताछ को पंजीकृत डाक/ स्पीड पोस्ट/ कूरियर ( जहां पी.ओ मूल्य 2.00 लाख रुपये से अधिक हो वहां वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाना चाहिए) द्वारा पावती रसीद के साथ या पावती के खिलाफ हाथ से भेजा जाना चाहिए।

सीमित निविदा के लिए विक्रेताओं को सूचीबद्ध करना

3.9 विभिन्न वस्तुओं के लिए विक्रेताओं की सूची सामग्री प्रबंधन विभाग में मौजूद है। हालांकि, उसके अद्यतन और उसमें नई पार्टियों/ स्रोतों के समावेश की जरूरत है। सूची को अधिक प्रमाणिक बनाने के लिए कंपनियों के पंजीकरण प्रणाली हेतु 500/– रुपयों का अनुमानित पंजीकरण शुल्क को लागू किया जाना है और इन पार्टियों की नई सूची बनाई जानी है।

3.10 इस उद्देश्य के लिए आपूर्तिकर्ताओं/ ठेकेदारों की सूचीबद्धता के लिए विज्ञापन प्रत्येक तीन वर्ष में एक बार राष्ट्रीय अंग्रेजी और एक स्थानीय/ क्षेत्रीय भाषा और एक हिन्दी के अखबार में प्रकाशित किया गया। विज्ञापन में आपूर्तिकर्ताओं को निगम के साथ उपरोक्त अवधि के लिए सूचीबद्ध पंजीकरण कराने का आमंत्रण दिया गया था।

3.11 विज्ञापन के खिलाफ पंजीकरण के प्रस्तावों मे आपूर्तिकर्ताओं और कंपनी जिन वस्तुओं के व्यापार में शामिल है, का पूरा विवरण होना चाहिए। उदाहरण – फैक्ट्रीज अधिनियम, बिक्री कर अधिनियम, आईटीएसीटी, उत्पाद शुल्क, एनएसआईसी, एसआईएसआई ग्राहक/ कंपनी का कारोबार, अधिकृत विक्रेता/ वितरणकर्ता की प्रति आदि के तहत पंजीकरण। इन विवरणों के साथ डिमांड ड्राफ्ट/ बैंकर्स चेक के जरिए 500/– रुपयों के पंजीकरण शुल्क के साथ वाले प्रस्तावों की जांच की जाएगी और कंपनी द्वारा जमा किए गए विवरण इस उद्देश्य के लिए बनाई गई समिति को स्वीकार्य होने के बाद कंपनी का पंजीकरण कर दिया जाएगा।

3.12 उपरोक्त उल्लिखित सूची का वार्षिक आधार पर असंतोषजनक प्रदर्शन करने वाले आपूर्तिकर्ताओं को हटाकर अद्यतन भी किया जा सकता है।

एकल निविदा खरीद

3.13 एकल निविदा के जरिए प्रत्यक्ष खरीद वैकल्पिक स्रोत के विकास तक किया जा सकता है–

क) जहां उपकरण और सामग्री प्रकृति में मालिकाना हैं।

ख) जहां पहले खरीदी गई मशीन या मूल विनिर्माता से खरीदे गए उपकरण के लिए सामान या पुर्जे या सेवा की जरूरत है।

ग) इन स्थितियों में

i) जब मानकीकरण महत्वपूर्ण हो और उपकरण एवं कलपुर्जे में मौजूदा उपकरण के लिए विस्तार या मरम्मत की जरूरत है, की खरीद मूल आपूर्तिकर्ता या वैसी ही वस्तुओं के आपूर्तिकर्ता से की जाएगी।

ii) जब तक कि वैकल्पिक स्रोत न उपलब्ध हो एलिम्को के लिए मालिकाना प्रक्रिया तकनीकों के जरिए वस्तुएं विकसित की जाएंगी।

iii) निर्माता से मांगपत्र पर खरीद के लिए विशेष तौर पर उल्लिखित विशेष ब्रैंड की वस्तुएं।

3.14 पहचान वाले आपूर्तिकर्ता द्वारा बिना ईएमडी/ सुरक्षा राशि के एकल निविदा में जाने का प्रस्ताव को कर्तव्यों की व्याख्या के मुताबिक सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित किया जाएगा।

निविदा मूल्यांकन

3.15 सामान्य

निविदा के खोले जाने के बाद किसी भी निविदाकर्ता को अपनी निविदा में बदलाव करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। निविदा की वास्तविकता या मूल्य न बदलने वाले स्पष्टीकरण पर ही विचार किया जाएगा।

प्रारंभिक जांच

अंकगणितीय त्रुटियों में सुधार

3.16 निविदाओं की जांच के दौरान अगर इकाई मूल्य और कुल मूल्य में अंतर पाया जाता है तो पहला मान्य होगा। अगर अंकों और शब्दों में विसंगति मिलती है तो बाद वाला मान्य होगा। उपर दिए गए अंकगणीतिय त्रुटियां निविदा को खारिज करने का कारण नहीं होंगी।

निविदा की पर्याप्त जवाबदेही

3.17 निविदा को जांच उनकी जवाबदेही को निर्धारित करने के लिए की जाएगी यानि सभी जरूरी गारंटी और जमानत निविदा में दी गईं हैं, दस्तावेज सही तरीके से हस्ताक्षरित हैं या नहीं और क्या बोली आमतौर पर क्रम में हैं या नहीं।

3.18 अगर कोई निविदा विनिर्देशों के अनुरुप नहीं है या उसमें अग्राह्य शर्तें हैं या निविदा दस्तावेजों के अपवाद हैं या वह अन्यथा निविदा दस्तावेजों के जैसा नहीं है और/ या उसमें सशर्त प्रस्ताव हैं, तो उसे खारिज कर दिया जाना चाहिए। हालांकि, निर्देशों में मामूली विचलन जो निविदा के मूल्य को प्रभावित न करते हों, के संबंध में जरूरी स्पष्टीकरण पर ध्यान देना चाहिए।

प्रारंभिक मूल्यांकन एवं संविदा का तुलनात्मक विवरण (कंपैरेटिव स्टेटमेंट ऑफ कोटेशन– सीएसक्यू) तैयार करना

3.19 उक्त दिशानिर्देशों के आधार पर सामग्री प्रबंधन विभाग संविदा का तुलनात्मक विवरण (कंपैरेटिव स्टेटमेंट ऑफ कोटेशन– सीएसक्यू) को तैयार करने के लिए जिम्मेदार होगा। साथ ही वह प्रारंभिक तकनीकी मूल्यांकन के लिए भी जिम्मेदार होगा। जरूरत पड़ने पर तकनीकी मूल्यांकन/ आकलन की उपयोगकर्ता विभाग या तकनीकी समिति की ओर से मांग की जा सकती है। सीएसक्यू तैयार करने और प्रारंभिक टिप्पणियों को दर्ज करने के बाद अगर सीएसक्यू स्थिति के मुताबिक खरीद की राशि ( सबसे कम) निर्धारित सीमा में है तो फाइल को संबंधित निविदा सिफारिश समिति के पास अग्रेषित कर दिया जाएगा। इसी प्रकार आधुनिकीकरण के तहत वस्तुओं की खरीद के लिए, परियोजना एवं प्रौद्योगिकी विभाग भी उपरोक्त उल्लिखित प्रक्रियाओं का पालन करेगा। इस उद्देश्य के लिए निम्नलिखित सीमाएं संदर्भ हेतु ली जा सकती हैं–

क) 50,000/– रुपयों तक के आइटम के लिए= निविदा मूल्यांकन एवं सिफारिश सामग्री प्रबंधन विभाग खुद करेगा।

ख) 50,001/– रुपए से अधिक लेकिन 2,50,000/– रुपयों से कम की खरीद राशि के मामले में उसे सक्षम अधिकारी द्वारा गठित निविदा सिफारिश समिति (टीआरसी– 2), को भेजा जाएगा।

ग) अगर किसी एक वस्तु की कुल खरीद राशि 2,50,001/– रुपए या उससे अधिक है  (बनाए गए सीएसक्यू के मुताबिक) तो उसे सक्षम अधिकारी द्वारा गठित निविदा सिफारिश समिति (टीआरसी– 1), को भेजा जाएगा।

तकनीकी समिति

3.20 अगर निविदा में तकनीकी बोली लगाई गई है और जहां तकनीकी मूल्यांकन की जरूरत है, सामग्री प्रबंधन विभाग/ पीएंडटी विभाग सबसे पहले सक्षम अधिकारी द्वारा गठित तकनीकी समिति के पास फाइल के तकनीकी मूल्यांकन एवं तकनीकी रूप से स्वीकार्य/ अस्वीकार्य प्रस्तावों के आकलन के लिए अग्रेषित करेगा। तकनीकी समिति अपनी सिफारिशों के साथ उसे एमएम/ पीटी विभागों को आगे की प्रक्रिया के लिए वापस भेज देगी।

निविदा सिफारिश समिति

3.21 निविदा के लिए प्राप्त प्रस्तावों के मूल्यांकन एवं आकलन और सिफारिशों की पुष्टि के लिए निविदा सिफारिश समिति की प्रणाली का पालन किया जाएगा। ये समितियां जैसा कि आईबीआईडी पारा में संदर्भित हैं, सक्षम अधिकारी द्वारा विधिवत गठित निविदा सिफारिश समिति– 1 और निविदा सिफारिश समिति– 2 कहलाएंगी।

टीआरसी का कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारीः

3.22 प्रक्रिया

इन समितियों के कार्य संविदा का तुलनात्मक विवरण मिलने के बाद शुरु होगा जिसमें एमएम विभाग द्वारा तैयार पूरे विवरण होगा। साथ ही उसमें जहां भी जरूरी हो वहां तकनीकी समिति द्वारा प्रस्ताव पर तकनीकी मूल्यांकन, आकलन एवं सिफारिशें भी दी गईं होंगी। उसके बाद निविदा समिति–

क)    इस बात की पड़ताल करेगी कि क्या मामला उनके दायरे में आता है।

ख)   प्राप्त विवरण के साथ निवदा की विशिष्टताओं की तुलना करेगी।

ग)     तुलनात्मक वक्तव (कंपैरेटिव स्टेटमेंट– समिति इस कार्य के लिए निगम के किसी भी संबंधित तकनीकी अधिकारी का सह– विकल्प उसके संबंधित विभागाध्यक्ष की परामर्श से, चुन सकती है ) के सभी पहलुओं की जांच (वाणिज्यिक एवं तकनीकी दोनों)।

घ)     जहां कहीं भी लागू हो, वहां निविदा के सबसे कम मूल्य वाले प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करने के लिए कारणों को दर्ज करना।
च) समिति अंतिम सिफारिश देने से पहले अगर जरूरी समझे तो फिर से निविदा निकालने, बातचीत करने या आपूर्तिकर्ता के फैक्ट्री का दौरा करने की सिफारिश कर सकती है।

ङ)     सिफारिशी कार्यसूची (ऑर्डर्स) में इकाई दरें, शुल्क/ कर आदि शामिल हैं।

सिफारिश करते समय, टीआरसी निविदाकर्ताओं द्वारा पेशकश कीमत, पिछली खरीद/ बाजार मूल्य की तुलना में उसकी तर्कसंगतता, विक्रेता की वित्तीय शक्ति, पिछला प्रदर्शन, बिक्री के बाद की सेवा, क्षमता, ऋण पात्रता आदि पर गौर करेगी। इस उद्देश्य के लिए टीआरसी एमएम/ पीटी या ग्राहक विभागों से सूचना की मांग कर सकता है।

निविदा मात्रा का आवंटन

3.23 किसी वस्तु के लिए आपूर्ति हेतु एक से अधिक स्रोत ताकि एक ही आपूर्तिकर्ता पर निर्भरता और प्रतिस्पर्धा, गुणवत्ता में सुधार आदि से बचा जा सके, स्वीकार्य निविदाकर्ताओं के बीच मात्रा का आवंटन को अच्छा माना जा रहा है। हालांकि, नए निविदाकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के लिए जिन नए स्रोतों की दरें निविदा में सबसे कम हैं उनके लिए 30% मात्रा आरक्षित कर ली जा सकती है। निविदा मात्रा के आवंटन के लिए सिफारिश निविदा सिफारिश समिति द्वारा विभिन्न स्रोतों के बीच मूल्य, आपूर्ति करने की क्षमता, पिछले प्रदर्शन, वित्तीय शक्ति, बिक्री के बाद की सेवा और विक्रेता की जवाबदेही जैसे पैमानों के आधार पर, किया जाएगा।

टीआरसी संबंधित विभाग से प्रासंगिक सूचना की मांग जहां कहीं भी यह लगे कि निगम के वार्षिक जरूरतें एक स्रोत को ऑर्डर देकर पूरी नहीं की जा सकतीं और उत्पादन जरूरतों को पूरा करने के लिए एक से अधिक निविदाकर्ता से सामान की खरीद को आवश्यक महसूस हो, कर सकता है। ऑर्डर अकेले बोली लगाने वाले से अधिक विभाजित किया जा सकता है।

तीन पार्टियों में विभाजित करने के मामले में, एल–1 में 60% और एल– 2 और एल– 3 में दोनों को   20% दिया जा सकता है अगर एल–2 और एल– 3 अपनी दरें एल–1 जितनी कर लें और दो पार्टियों में विभाजित करने के मामले में एल–1 में 70% और एल– 2 को 30% दिया जा सकता है अगर एल–2 अपनी दरें एल–1 जितनी कर लें।
सौदेबाजी  

3.24 ऐसे मामले में जहां निविदा के परिणामों में प्रतिस्पर्धा की कमी दिखती है वहां क) जहां सिर्फ एक ही निविदा हो, ख) एक भी निविदा निर्देशों के मुताबिक नहीं मिली हो ग) जहां सबसे कम अनुरूप वाली निविदा गैर – पुष्टि निविदा की तुलना में अधिक असंगत हैं घ) जहां सबसे कम स्वीकार्य प्रस्ताव समान शर्तों पर या कंपनी के बजट अनुमान के संबंध में पिछले वर्षों की निविदा मूल्य के संबंध में अधिक असंगत है या ड़) किसी अन्य कारण से निविदा पर सौदेबाजी उचित रूप में स्वीकार्य हैं।

अध्याय 4

मूल्य/ क्रय वरीयता

4.1 सरकार के दिशा– निर्देशों की मजबूरियों पर निर्भर करते हुए कंपनी खरीद वरीयता के लिए विकल्प का प्रयोग कर सकती हैं।

मूल्य भिन्नता धारा

4.2 आमतौर पर मूल्य– भिन्नता धारा को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। हालांकि, कुछ खास वस्तुओं जैसे स्टील, एल्युमीनियम, पेट्रो आदि आधारित वस्तुओं जिनकी कीमत "सेल– SAIL" या सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त संगठन और कॉरपोरेट निकाय नियंत्रित करती हैं, जो मूल्य में हुई बढ़ोतरी पर समय– समय पर बढाई गई कीमत के आधार पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, ऐसी स्थिति में निविदा दस्तावेज में इसका विशेष उल्लेख करना आवश्यक है।

ऑर्डर में परिवर्तन

4.3 अगर कोई स्रोत पूरी तरह या आंशिक रूप से ऑर्डर की गई मात्रा की आपूर्ति करने में विफल रहता है और इससे उत्पादन बाधित होता है, वैसे मामले में ऑर्डर में परिवर्तन परविचार किया जाएगा। ऐसे परिवर्तन दूसरे स्रोतों को उनके प्रदर्श और उत्पादन प्रतिबद्धता को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति क्षमता के अनुसार विचार किया जा सकता है। अगर सफल निविदाकर्ता आपूर्ति करने में विफल रहता है तो, ईएमडी/ सुरक्षा की जब्ती के बाद उपयुक्त निविदा मात्रा परिवर्तन प्रबंध किए जा सकते हैं। वैकल्पिक स्रोत (यानि परिवर्तन के बाद) से ऑर्डर की गई मात्रा मिलने तक सामग्री की जरूरत पूरा करने के लिए उसकी खरीद स्थापित स्रोत जिसने टीआरसी की सिफारिशों के मुताबिक अतीत में सफलतापूर्वक आपूर्ती की हो, से की जा सकती है।
 

अनुबंध प्रदान करना

4.4 खरीद आदेश (परचेज ऑर्डर जारी करना)

आमतौर पर कच्चा माल, दुकान, कलपुर्जों, नौकरी के काम आदि के लिए सभी खरीद आदेश (परचेज ऑर्डर)/ वर्क आर्डर सामग्री विभाग द्वारा जारी किए जाते हैं। बस अनुबंध, कैंटीन अनुबंध, परिवहन अनुबंद और अन्य वार्षिक रख– रखाव अनुबंधों के मामले में इसे अनुबंध के संचालन के लिए जिम्मेदार विभाग द्वारा जारी किया जा सकता है। आपूर्ती/ पूंजी, उपकरण, संयंत्र एवं मशीनरी लगाने के लिए खरीद आदेश/ अनुबंध के मामले में यह परियोजना एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। हालांकि, सामग्री प्रबंधन विभाग के अलावा किसी भी विभाग के मामले में अनुबंध पर सक्षम अधिकारी द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति का हस्ताक्षर होना चाहिए। इसी प्रकार एएपीसी और आरएमसी के मामले में, ये ऑर्डक/ अनुबंध एएपीसी/ आरएमसी के प्रभारी से एक रैंक नीचे वाले अधिकारी द्वारा जारी किया जाएगा। इन खरीद आदेशों/ कार्य अनुबंधों/ सेवा अनुबंधों में निविदा में जैसा संकेतित है वैसा ही स्पष्ट संकेत होना चाहिए। ये संकेत इस प्रकार हो सकते हैं–

क)    कर/ कर्तव्य आदि

ख)   माल ढुलाई, पैकिंग शुल्क का भुगतान

ग)     भुगतान शर्तें

घ)     डिलीवरी अनुसूची

ङ)     डिलीवरी अनुसूची

च)    नष्ट होने का हर्जाना

छ)    विवाचन खंड

अध्याय – 5

खरीद के अन्य प्रकार के संबंध में दिशानिर्देश

ऑर्डर की पुनरावृत्ति (रीपीट ऑर्डर)

5.1 ऑर्डर की पुनरावृत्ति (रीपीट ऑर्डर) मूल ऑर्डर की मात्रा की 100% तक की डा सकती है जहां मूल ऑर्डर आपूर्तिकर्ता को सिर्फ बाहर की वस्तुओं की एसटी/ ओटी/एलटी/ टीम खरीद के आधार पर दिया गया था वह भी सिर्फ अतिरिक्त मात्रा के लिए। हालांकि, अगल ऑर्डर की गई मूल मात्रा की डिलीवरी 50%से अधिक पूरी की जा चुकी है, अतिरिक्त मात्रा की तत्काल जरूरत है और बाहर की वस्तुओं की एसटी/ ओटी/ एसटी/ टीम खरीद की प्रोसेसिंग की जरूरत का परिणामस्वरूप सिर्फ देरी की संभावना है, इसे बदला जा सकता है। ऑर्डर की पुनरावृत्ति (रीपीट ऑर्डर) को भी सक्षम अधिकारी से अनुमोदन की जरूरत होती है। आरंभिक ऑर्डर के पूरा होने की तारीख से छह माह के भीतर और यदि जिस मुद्रा में पिछला ऑर्डर दिया गया था उसकी कीमत बाजार में कम नहीं हुई हो तो ऑर्डर की पुनरावृत्ति (रीपीट ऑर्डर) आरंभिक ऑर्डर में दी गई दर और शर्तों पर ही दी जाएगी।

पी.ओ. मात्रा में संशोधन

5.1.1 उत्पादन कार्यक्रम में बदलाव/ संशोधन के मामले में, निविदा/ पी.ओ. की मात्रा में संशोधन/ बढ़ोतरी/ कमी की जा सकती है। ऐसा खुली निवादा/ सीमित निविदा की वस्तुओं के मामले में संशोधित कार्यक्रम के मुताबिक निविदा सिफारिश समिति के द्वारा खरीद आदेश की मुद्रा के दौरान सक्षम अधिकारी के अनुमोदन के बाद किया जा सकता है।

ट्रायल/ विकास/ शैक्षिक आदेश

5.2 ट्रायल/ विकास/ शैक्षिक आदेश डिजाइन एवं विकास विभाग या एमएम विभाग द्वारा, जैसा भी मामला हो, टीआरसी की सिफारिशों की जरूरत के आधार पर और 1,00,000/– रुपयों की सीमा तक सक्षम अधिकारी द्वारा अनुमोदित किए जाने पर दिया जाएगा। ये ट्रायल/ विकास आदेश एकल पहचान एवं विकसित स्रोत को आम निविदा प्रक्रिया का पालन नहीं करने के बाद भी दे दिया जाएगा।

नकद खरीद

5.3 नकद खरीद सक्षम अधिकारी के अधिकार के अनुसार उनके अनुमोदन से किया जा सकता है।

टीम के जरिए खरीद

5.4 तत्काल आधार पर सामग्री के जरूरत की आपात स्थिति के साथ, टीम खरीद को निविदा प्रक्रिया और उसमें लगने वाले समय की बचत के लिए अपनाया जा सकता है।

टीम के जरिए यह खरीद उपयोगकर्ता विभाग, एमएम, एफए और क्यूसी ( जैसा भी मामला हो) के प्रतिनिधियों की टीम को भेजकर किया जा सकता है ताकि वे संभावित आपूर्तिकर्ताओँ से ऑफर प्राप्त कर सकें। टीम इस प्रकार बनाई जाएगी–

क)    25,000/– रुपयों तक की टीम खरीद ––      टीम में एमएम, क्यूसी और/ या उपयोगकर्ता विभाग के

प्रतिनिधि होंगे।

ख)   25,000/– रुपयों के परे और –       एमएम, एफए, क्यूसी और/या उपयोगकर्ता विभाग के

2.00 लाख रुपयों तक की टीम खरीद    सदस्य टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।

ग) 2.00 लाख रुपयों के पार की टीम खरीद– टीम का प्रतिनिधित्व एमएम, एफए, क्यूसी और/ या

                                       उपयोगकर्ता विभाग के वरिष्ठ सहायक करेंगें। प्रस्ताव  

                                       सीलबंद मिलना चाहिए और उसे निविदा खुली समिति

                                      और संबंधित निविदा सिफारिश समिति के जरिए परिष्कृत

किया जाना चाहिए।

5.5 कोटेशन प्राप्त करने के बाद { उपरोक्त (क) को छोड़कर} अगर जरूरी हुआ तो टीम मौके पर बातचीत के बाद एल–1 निविदाकर्ताओं से खरीद को बढ़ा सकते हैं। टीम के जरिए की जाने वाली 50,000/– रुपये तक की खरीद जीएम स्तर के अधिकारी द्वारा अनुमोदित कराया जा सकता है। 50,000/– रुपये से अधिक किसी भी राशि की खरीद पर सक्षम अधिकारी से अनुमोदन लेने की आवश्यकता है। टीम के जरिए खरीद के अनुमोदन की तारीख से 21 दिनों के भीतर टीम के जरिए सामग्री की खरीद कर लेनी चाहिए।

सहायकों अर्थात दिव्यांग लाभार्थियों द्वारा खरीद जो एलिम्को की गारंटी पर एनएचएफडीसी द्वारा ऋण का लाभ उठा रहे हैं–

5.6 एलिम्को ने एनएचएफडीसी ( सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अधीन एक निगम) द्वारा स्वीकृत ऋण के खिलाफ एलिम्को ने अपनी योजना के तहत गारंटी छह दिव्यांगों  जो पहले दिव्यांग पुनर्वास समिति (एक समिति जो काफी समय से एलिम्को के अधिकारियों द्वारा स्थापित की गई और चलाई जा रही है) के जरिए एलिम्को के लिए काम करते थे, दी है। ये दिव्यांग लाभार्थी एक तीन– पक्षीय समझौते के अधीन हैं। एलिम्को यह सुनिश्चित करता है कि वह प्राथमिकता के आधार पर नौकरी का कार्य मुहैया कराएगा जिसे एलिम्को बाहर से करवाता है। इन बातों को ध्यान में रखते हुए इन लाभार्थियों को नौकरी के कार्य या उसका हिस्सा स्वीकृत एल–1 दरों पर प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। इस संबंध में कोटेशन बाहरी पार्टियों से भी मंगाए जा सकते हैं। इसमें ये दिव्यांग लाभार्थी भी होंगे। हालांकि, इन छह लाभार्थियों को निविदा पत्र की लागत का भुगतान करने और इसके प्रयोग वाली किसी भी वस्तु की खरीद के लिए निगम द्वारा प्रकाशित खुली निवादा के मामले में बयाना जमा/ सुरक्षा जमा करने से छूट प्रदान की गई है।

अध्याय– 6

भुगतान की शर्तें

6.1 दुकानों में कच्चा माल एवं स्वदेशी स्रोंतों के अन्य उपभोग्य वस्तुओं की आपूर्ती के लिए भुगतान शर्तें आमतौर पर इस प्रकार होनी चाहिएः–

i)सामग्रियों की पावती एवं स्वीकृति के 30 दिनों के भीतर या बिल जमा करने के बाद (जो भी बाद में हो, आमतौर पर 100% भुगतान किया जाएगा। 30 दिनों के भीतर मानक भुगतान शर्तों के अलावा भुगतान शर्तों की स्वीकृति प्रबंधन के विवेक पर होगा और ऐसे मामले में कुल लागत का 1% तुलनात्मक कोटेशन वक्तव्य तैयार करते समय अतिरिक्त के तौर पर विचार किया जाएगा। हालांकि खरीद आदेश उद्धृत दरों (कोटेड रेट्स) पर दी जाएंगी।

ii) हालांकि अगर पार्टियां सामग्री की आपूर्ती बैंक या प्रोफॉर्मा इनवायस के जरिए करना कोट करती है 90% भुगतान किया जा सकता है। ऐसे मामलों में प्रस्ताविक आपूर्तियों की एलिम्को के प्रतिनिधियों द्वारा पूर्व– प्रेषण निरीक्षण किया जा सकता है। भुगतान की बाकी 10% राशि सामग्री के मिलने और स्वीकृति की तारीख से 30 दिनों के भीतर की जा सकती है। निविदा सिफारिश समिति भुगतान शर्तों को अंतिम रूप देंगी और उसी अनुसार सिफारिश करेंगी।

6.2 विदेशी स्रोतों से सामग्रियों, उपभोज्यों, पुर्जों एवं उपकरणों के लिए आमतौर पर 100% भुगतान हेतु ऋण के स्थायी पत्र (इरेवकबल लेटर ऑफ क्रेडिट) या कंपनी के लिए सुविधाजनक किसी अन्य शर्त का पालन किया जाएगा। हालांकि, अगर पार्टी को अग्रिम भुगतान चाहिए और खरीद मूल्य 1500.00$ से अधिक का नहीं है, तो इसे देने पर विचार किया जा सकता है।

6.3  हालांकि, बाहर की पार्टियों के मामले में जो सामग्री की आपूर्ति बैंक या प्रोफॉर्मा इनवायस के जरिए करने के लिए तैयार है, 90% भुगतान किया जा सकता है। ऐसे मामलों में प्रस्ताविक आपूर्तियों की एलिम्को के प्रतिनिधियों द्वारा पूर्व– प्रेषण निरीक्षण किया जा सकता है। भुगतान की बाकी 10% राशि सामग्री के मिलने और स्वीकृति की तारीख से 30 दिनों के भीतर की जा सकती है।

सिविल संविदाः

6.4.1 i) काम के हो जाने पर सभी अग्रिमों एवं बकाया को घटाने के बाद रेजिंग रनिंग बिल पर 90% तक प्रगति भुगतान मासिक आधार पर, जैसा कि मामला हो।

6.4.2 ii) अनुबंधित कार्य के पूरा होने पर संतुलन एवं पूरा होने का प्रमाणपत्र जारी करना।

टर्नकी उप– अनुबंधः 

6.51 i) बैंक गारंटी पर अनुबंध हस्ताक्षर करने पर 10 से 20%।

6.52 ii) सत्यापन पर रनिंग बिल पर 90% शेष का भुगतान और काम पूरा होने का प्रमाणपत्र।

6.53 iii) पूरा होने पर शेष एवं पूरा होने का प्रमाणपत्र जारी करना।

विविध सेवा अनुबंधों के लिएः

6.6 कंपनी द्वारा विनिमेय शर्तों एवं नियमों के अनुसार

पूंजीगत वस्तुओं के मामले में:

6.7.1 i) पार्टी की तरफ एलिम्को द्वारा पूर्व– प्रेषण निरीक्षण के जरिए उपकरणों के स्वीकृति के विषयाधीन दस्तावेजों के खिलाफ लदान पर 90% तक।

6.7.2 ii) इंस्टॉलेशन एवं कमीशनिंग के पूरा होने पर शेष।

6.8 अंतिम भुगतान के जारी किए जाने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि–

6.8.1 i) मात्रा एवं गुणवत्ता दोनों एवं विनिर्देशों में सामग्री खरीद आदेश या निविदा की स्वीकृति में निर्धारित की गई रूप में विधिवत प्राप्त किया और उसका रिकॉर्ड उचित भंडार विभाग द्वारा गुड्स रिसिप्ट नोट (जीआरएन) द्वारा निर्धारित प्रारूप में या किसी अन्य प्रमाणीकृत दस्तावेज के रूप में संबंधित भंडार में सामग्री की पावती के साक्ष्य रिकॉर्डिंग के तौर पर रखा गया।
6.82 ii) ठेकेदार या आपूर्तिकर्ता से अधिक भुगतान, नुकसान या किसी अन्य कारण के लिए की गई वसूली का फैसला उपयुक्त अधिकारी करेंगे।

6.8.3 iii) जहां कहीं भी आपूर्तिकर्ता ईएमडी जमा किए बगैर आपूर्ति को प्रभावित करते हैं (एसएसआई आदि इकाईयां जिनका कारोबार 3.00 करोड़ रुपये या उससे अधिक का है) भुगतान सुरक्षा मद में 5% की कटौती कर किया जाएगा। कटौती की गई धनराशि आपूर्तिकर्ता द्वारा कुल ऑर्डर के निष्पादन के बाद वापस किया जाएगा।

6.8.4 iv) करः निविदा में मांग की हद तक कर एवं शुल्कों की अनुमति पार्टियों को विशेष लागू दर उल्लेख पर दी जाएगी। हालांकि, कर एवं शुल्कों की दर में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी या कमी की अनुमति समय– समय पर प्रकाशित सरकारी अधिसूचना के अनुसार दी जाएगी और वह प्रेषण के समय प्रचलित दर के अनुसार लागू होगा।

 

अध्याय – 7

अनुबंध की सामान्य शर्तें

खरीद आदेश जारी करना

7.1 सभी मामलों में खरीद आदेश सामग्री प्रबंधन/ परियोजना एवं प्रौद्योगिकी/ उपयोगकर्ता विभाग द्वारा, जैसा भी मामला हो, जारी किया जाएगा। एएपीसी के मामले में इसे इकाई प्रमुख (यूनिट हेड) या इकाई प्रमुख (यूनिट हेड) से एक रैंक नीचे वाला अधिकारी जारी करेगा। एएपीसी द्वारा वांछित वस्तुओं की खरीद जिसे मुख्यालय द्वारा किया जाना है, के मामले में, खरीद आदेश सामग्री विभाग संबंधित एएपीसी से वार्षिक जरूरत की प्राप्ति के बाद जारी करेगा। एएपीसी की यह जरूरत सक्षम अधिकारी से अनुमोदन के बाद समय रहते नियोजन विभाग को अग्रेषित की जाएगी।

7.2 अगर पार्टियों द्वारा आपूर्ति की गई सामग्री की मात्रा और खरीद आदेश में उल्लिखित मात्रा में 15% (यानि अधिक या कम आपूर्ति) का अंतर है तो ऐसे में तो उस पर आदेश के मुताबिक विचार किया जाएगा और ऐसी कम या अधिक आपूर्ति के लिए कार्य आदेश में संशोधन हेतु किसी अनुमोदन की जरूरत नहीं होगी। अंतर की पूर्ति कर दिए जाने के बाद आदेश को पूरा माना जाएगा।

आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान

7.3 जरूरी दस्तावेजों के साथ आपूर्तिकर्ताओँ से बिल दो प्रतियों में प्राप्त किया जाएगा, अगर कोई है तो, और विक्रेताओं को भुगतान खरीद आदेश के नियमों एवं शर्तों के मुताबिक किया जाएगा।

खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध का प्रयोग

दस्तावेज एवं सूचना

7.4 क्रेता के पूर्व लिखित सहमति के बिना आपूर्तिकर्ता खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध जिसमें विनिर्देश या किसी प्रकार का प्रावधान दिया हो, के कंटेंट का खुलासा किसी भी व्यक्ति के सामने नहीं करेगा सिवाए उस व्यक्ति के जिसे आपूर्तिकर्ता ने अनुबंध के काम के लिए नौकरी पर रखा है।

7.5 आपूर्तिकर्ता उपर दिए गए 9.1 खंड में निर्दिष्ट किसी भी दस्तावेज या सूचना का प्रयोग क्रेता द्वारा पूर्व लिखित सहमति के बिना नहीं करेगा, सिवाए खरीद/ कार्य अनुबंध पूरा करने के उद्देश्य के।

खरीद आदेश या कार्य/ सेवा अनुबंध में संशोधन/ परिवर्तन

7.6 खरीददार किसी भी समय आपूर्तिकर्ता को लिखित नोटिस के जरिए खरीद आदेश या कार्य/ सेवा अनुबंध शर्तों के दायरे में संशोधन/ परिवर्तन कर सकता है।

7.7 खरीददार द्वारा ऐसे संशोधन/ परिवर्तन की सूचना पर आपूर्तिकर्ता प्रस्तावित परिवर्तन की वजह से खरीददार को अनुमानित लागत और खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध के तहत डिलीवरी तारीखों पर संशोधन/ परिवर्तन पर प्रभाव का अनुमान (अगर कोई हो तो) भेज सकता है। इसके अलावा प्रस्तावित संशोधन/ परिवर्तन के कार्यान्वयन पर विस्तृत समय– सारणी भेज सकता है। संशोधन/ परिवर्तन खरीददार द्वारा अनुमानों (अगर कोई है) की स्वीकृति के बाद प्रभावी होगा।

7.8 संशोधन/ परिवर्तन जिसपर आपसी सहमति बन गई है वह खरीद आदेश/ सेवा अनुबंध का हिस्सा होगा और इन कथित संशोधन/ परिवर्तन पर अनुबंध के प्रावधान एवं शर्तें लागू होंगी।

7.9 7.6 और 7.8 के विषयाधीन खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध के नियमों एवं शर्तों में कोई भी परिवर्तन या संशोधन तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि दोनों पक्ष संशोधन पर हस्ताक्षर नहीं करते।

डिलीवरी में विफलता या देरी

7.10 अगर आपूर्तीकर्ता/ ठेकेदार खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध में निर्धारित समय पर सामग्री या सेवा मुहैया कराने में विफल होता है तो खरीददार यानि निगम के पास खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध रद्द करने का अधिकार और पूर्ण ईएमडी/ सुरक्षा राशि  या उसका एक हिस्सा जब्त करने का अधिकार होगा।

निरीक्षण एवं परीक्षण
7.11 खरीददार या उसके प्रतिनिधि के पास खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध के तहत किए जाने वाले कार्य के निरीक्षण का अधिकार और वस्तुओं को विनिर्देशों के अनुरूप पुष्टि करने के लिए परीक्षण का अधिकार होगा। खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध के विशेष शर्तों या विनिर्देशों या दोनों जैसा कि खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध में दिया गया है, को आपूर्तिकर्ता/ ठेकेदार द्वारा पूरा किया जाएगा।

7.12 खरीददार के पास वस्तुओं के निरीक्षण, परीक्षण और जहां जरूरी हो वहां इंस्टॉलेशन के स्थल पर वस्तुओं के आगमन पर वस्तुओं को खारिज करने का अधिकार होगा। यह अधिकार खरीददार या उसके प्रतिनिधि द्वारा वस्तुओ के लदान से पहले किए गए निरीक्षण, परीक्षण या पारित किए जाने की वजह से किसी सीमा या माफी का हकदार नहीं होगा।

7.13 खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध के तहत कुछ भी खंड 3 में किसी भी प्रकार से आपूर्तिकर्ता को किसी वारंटी या अन्य दायित्वों में राहत प्रदान नहीं करता।

जोखिम खरीद

7.14 अगर आपूर्तिकर्ता खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध को खरीददार की संतुष्टि के लिहाज से क्रियान्वित करने में विफल रहता है तो खरीदार के पास निम्नलिखित अधिकार होगाः–

क) खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध के क्रियान्वित किसी भी हिस्से को खारिज करने और अनुबंध के उस हिस्से के लिए भुगतान को तब तक रोकने जब तक कि खरीददार की संतुष्टि तक खामियों को दूर न कर लिया जाए।

ख) खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध को किसी अन्य एजेंसी / जोखिम पर और आपूर्तिकर्ता/ ठेकेदार की लागत पर कार्यान्वित करने के लिए खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध को लिखित में दो सप्ताह का नोटिस देकर समाप्त करने का।

मध्यस्थता

7.15 अगर कोई विवाद/ सवाल या तकरार की स्थिति पैदा होती है, इस खरीद आदेश/ कार्य/ सेवा अनुबंध में विशेष तौर पर इसके निपटान का तरीका नहीं दिया गया है, विवाद का मामला एलिम्को के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक या उनके द्वारा मनोनीत व्यक्ति के पास मध्यस्थता के लिए भेजा जाएगा और अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक या उनके द्वारा मनोनीत व्यक्ति का फैसला दोनों ही पक्षों के लिए अंतिम और बाध्यकारी होगा। भारतीय पंचाज एवं सुलह अधिनियम, 1996 के प्रावधान के मुताबिक जिसमें समय– समय पर संशोधन किया गया है, हर एक मध्यस्थ प्रक्रियाओं पर लागू होगा। मध्यस्थता प्रक्रिया सिर्फ कानपुर में आयोजित की जाएगी और इस मामले में कानपुर न्यायालयों के पास क्षेत्राधिकार होगा।

अप्रत्याशित घटना

7.16 अगर आपूर्तिकर्ता या उसका कोई उपठेकेदार या खरीददार अनुबंध के तहत अपने किसी भी दायित्वों के निर्वहन में देरी कर रहा है और ऐसी देरी अप्रत्याशित घटना की वजह से हो रही है, जिसमें युद्ध, जन विपल्व, आग, बाढ़, महामारी, भूकंप, संगरोध प्रतिबंध और भाड़ा प्रतिरोध शामिल हैं लेकिन यहीं तक सीमित नहीं हैं, इन देरी को माफ किया जा सकता है और ऐसी देरी की अवधि को दायित्व देरी के समय और प्रदर्शन में जोड़ा जा सकता है।

7.17 अगर अप्रत्याशित घटना की स्थिति पैदा होती है तो आपूर्तिकर्ता को खरीददार को उस स्थिति और उसके कारण के बारे में तुरंत लिखित में सूचित करना होगा। अन्यथा जब तक खरीददार लिखित निर्देश न दे तब तक आपूर्तिकर्ता को अनुबंध के तहत अपने दायित्वों का निर्वहन जहां तक संभव को करना चाहिए और उसे प्रदर्शन के लिए अप्रत्याशित घटना द्वारा न रोके जा सकने वाले सभी उचित विकल्पों की तलाश करनी होगी।

कर एवं शुल्क

7.18 जब तक की खरीद आदेश/ कार्य सेवा अनुबंध में उल्लेख न किया जाए तब तक आपूर्तिकर्ता सबी प्रकार के करों, शुल्कों, कर में कटौती आदि और देश के भीतर या बाहर प्रचलित किसी भी कानून के तहत अन्य लेवी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार होगा।

शीर्षक

7.19 शीर्षक, चाहे वह अनुच्छेदों में या खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध के किसी अन्य हिस्सों में हो, सिर्फ संदर्भ के लिए हैं और उसे अनुबंध के हिस्से के रूप मे तैयार नहीं किया गया है।

सामान्य ग्रहणाधिकार

7.20 जहां कही भी, इस खरीद आदेश/ कार्य अनुबंध के तहत कोई भी धनराशि की वसूली और ठेकेदार द्वारा की देय है, कंपनी को उस धन राशि का कुछ हिस्सा या पूरी धनराशि की वसूली ठेकेदार के सुरक्षा जमा में से करने का अधिकार होगा, अगर ठेकेदार से सुरक्षा राशि ली गई है तो। अगर सुरक्षा जमा अपर्याप्त है या ठेकेदार से सुरक्षा जमा नहीं लिया गया है तो शेष या वसूली की जाने वाली कुल राशि, जैसा भी हो, ठेकेदार पर बकाया से कितनी भी राशि घटाई जा सकती है या इसके तहत ठेकेदार पर बकाया राशि या निगम के साथ कोई अन्य अनुबंध वसूली की राशि को कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं है तो ठेकेदार को कंपनी की मांग पर बाकी की राशि का भुगतान करना चाहिए।

7.21 सभी सवाल, अनुबंध एवं आदेश सिर्फ कानपुर में स्थानीय अदालत के अधिकार क्षेत्र के अधीन हैं।

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